कैंसर में कैसे लाभदायक है भुट्टे(Corn beneficial in cancer) …बरसात में भुट्टे खाने के फायदे (Benefits) क्या-क्या है भुट्टा खाने का सही मौसम कौन सा होता है और यह हमारे शरीर को कैसे फायदे पहुंचाता है ?

खाने की कुछ चीजों में कैंसर से लड़ने वाले गुण होते हैं। जो बीमारी को शुरुआत में ही खत्म कर देते हैं और यह फैलकर बाहर नहीं निकल पाती है। इन्हीं खाद्य पदार्थों में से भुट्टे का नाम सबसे ऊपर आता है जो कैंसर से लड़ने में काफी सक्रिय है।

कैंसर में कैसे लाभदायक है भुट्टा (Corn beneficial in cancer) ?

– भुट्टे में पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्लेवोनॉयड्स पाए जाते हैं। जिसकी वजह से कैंसर का खतरा काफी कम हो जाता है। भुट्टे में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स कैंसर फैलाने वाली नुकसानदेह कोशिकाओं के नकारात्मक प्रभावों को बेअसर कर देते हैं। भुट्टे में पाया जाने वाला फेरुलिक एसिड ब्रेस्ट और लीवर के ट्यूमर के साइज को कम करने में मदद करता है।
इसके अलावा भुट्टे और भी अन्य बीमारियों में तथा व्यक्ति के स्वास्थ्य में सक्रिय योगदान देने की वजह से मोटे अनाजों में सर्वोपरि स्थान रखता है भुट्टे हमारे शरीर को बहुत फायदे पहुंचाता है।

भुट्टा (Corn) हमारे शरीर को किस प्रकार फायदे (Benefits) पहुंचाता है ?

भुट्टा को एक बेहतरीन कोलेस्ट्रॉल फाइबर माना जाता है, जो दिल के मरीज़ो के लिए बहुत अच्छा है।

भुट्टा या मकई सेहत का खजाना है। इसको पोषण के हिसाब से बेहतरीन माना जाता है। पके हुए भुट्टे में पाया जाना वाला कैरोटीनॉयड विटामिन ए का अच्छा स्रोत होता है। जो हमारी नज़र के लिए काफी फायदेमंद होता है।

भुट्टे को पकाने के बाद उसके 50% एंटीऑक्सीडेंट बढ़ जाते हैं। पके हुए भुट्टे में फेरुलिक एसिड होता है जो कैंसर जैसी बीमारी मे लड़ने में बहुत मददगार होता है। कॉर्न में केरोटीन होता है जिसके कारण इसका रंग पीला होता है।

इसके अलावा भुट्टे में विटामिन, कार्बोहाइड्रेट और फोलिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जो हमारे शरीर के लिए अत्यावश्यक योगिक है।

भुट्टा (corn) खाने का सही मौसम कौन सा होता है ?

आयुर्वेद के अनुसार, भुट्टा बल वर्धक होने के साथ ही शरीर में पित्त और कफ की मात्रा को नियंत्रित करने का कार्य करता है। इसलिए बरसात और सर्दियों के मौसम में भुट्टा जरूर खाना चाहिए। बारिश के मौसम मे भुट्टा खाने का अलग ही मजा होता है।

भुट्टा (Corn) खाने के क्या-क्या फायदे हैं ?

० लोहे की कमी की वजह से एनीमिया की बीमारी हो जाती है, इसलिए इसको दूर करने के लिए भुट्टा खाना चाहिए क्योंकि इसमें विटामिन B और फोलिक एसिड होता है जिससे एनीमिया दूर होता है।
०  भुट्टा दिल की बीमारी को दूर करने में सहायक होती है। इसमें विटामिन सी और कैरोटीनॉयड पाया जाता है, जो रक्त मे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करके रक्त के प्रवाह को सुचारू बनाते हैं।
० जिन लोगों का वजन कम है, उनके लिए भुट्टा बेहद फायदेमंद होता है। भुट्टे में कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी भी पर्याप्त मात्रा में होती है।
० भुट्टा का सेवन प्रेग्नेन्सी में भी बहुत लाभदायक होता है इसलिए गर्भवती महिलाओं को इसे अपने आहार में ज़रूर शामिल करना चाहिए। इसमें फोलिक एसिड पाया जाता है जिसकी कमी से होने वाला बच्चा अंडर वेट हो सकता है और कई अन्य बीमारियों से पीड़ित भी हो सकता है।
० भुट्टा में पाए जाने वाले एंटीऑक्‍सीडेंट कैंसर से बचाने में मददगार होते हैं। यह कैंसर फैलाने वाले
   कणों से लड़ते हैं ।

अत्यधिक भुट्टा (Corn)खाने के क्या क्या नुकसान है?

० ऐसे भी कई लोग होते हैं जो पूरी तरह से भुट्टा पर निर्भर होते हैं अत्यधिक भुट्टा का सेवन करने से पिलाग्रा (Pellagra) नामक बीमारी उत्पन्न होती है। पिलाग्रा (Pellagra) रोग में व्यक्ति को विटामिन की कमी हो जाती है।
० मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति के लिए भुट्टा हानिकारक साबित होता है क्योंकि भुट्टा रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ा देता है।
० भुट्टा को कभी भी कच्चा नहीं खाना चाहिए क्योंकि कच्चा भट्टा दस्त का कारण बनता है।
० कई बार भुट्टा का सेवन करने से एलर्जी और त्वचा पर चकत्ते, उल्टी आदि जैसे लक्षण पैदा कर सकता है। इसके अलावा कई लोगों को भी भुट्टा खाने के बाद अस्थमा का दौरा भी पड़ जाता है।

इत्यादि गुणों से भरपूर गुणकारी भुट्टा और अत्यधिक सेवन के बाद अवगुणकारी भुट्टा मोटे अनाजों में सर्वप्रथम स्थान रखता है तथा भारत में इसके उत्पादन भी अत्यधिक है । वर्तमान में सरकार भी मोटे अनाजों पर विशेषकर भुट्टा की खेती पर विशेष ध्यान दे रही है । आशा करते हैं हमारे द्वारा दी गई भुट्टा के बारे में विशेष जानकारी आप लोगों के लिए लाभदायक होगी।